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जलवायु किसे कहते है यह आमतौर पर हम स्कूल के अंदर सीखते है लेकिन कई बार जीवन में भी जलवायु के बारे में जानना जरूरी होता है। जलवायु क्षेत्र पर आधारित लंबे समय तक चलने वाला मानसून होती है जैसे अगर राजस्थान की जलवायु की बात करें तो यहाँ पर गर्म जलवायु होती है जिस कारण साल भर में अधिकतम समय गर्मी रहती है वहीं अगर कश्मीर और हिमाचल की बात करें तो वहाँ की जलवायु ठंडी रहती है और साल के अधिकतम समय यहाँ ठंड ही होती है। 
भारत में विभिन्न क्षेत्रों की जलवायु अलग अलग प्रकार की होती है। जलवायु किसी भी क्षेत्र पर लंबे समय तक रहती है और किसी भी क्षेत्र की जलवायु परिवर्तित होने में हजारों साल का समय लग जाता है। इस लेख में आप जलवायु किसे कहते है और जलवायु की विशेषता के बारे में विस्तार से जानेंगे। 


ग्राम

22 कैरेट सोने का भाव

 24 कैरेट सोने का भाव

ग्राम

5620

6131

ग्राम

44,960

49,048  

10 ग्राम

56,200

61,310             

100 ग्राम

5,62,000

6,13,100

 

पिछले 10 दिन में  चेन्नई  में  22 कैरेट और 24 कैरेट सोने के दाम  


जलवायु किसे कहते है?


जलवायु दो प्रकृति में उपस्तिथ चीजों जल और वायु से मिलकर बनी होती है वायुमंडल में जल और वायु का अनुपात किसी भी स्थान के लंबे समय का मौसम औसत होता है। किसी क्षेत्र में लंबे समय तक जब कोई एक मौसम होता है तो उसे उस स्थान की जलवायु कहा जाता है अर्थात मौसम के दीर्घकालिक औसत को जलवायु कहते है। जैसे भारत की जलवायु अन्य देशों की तुलना में अलग है जहाँ भारत में गर्मी अधिक होती है तो यूरोपियन देशों में बर्फबारी और सर्दी काफी होती है। 

भारत की उष्णकटिबंधीय मानसूनी जलवायु है जो दक्षिण एशिया से दक्षिण पूर्व एशिया में बहती है। 

जलवायु और मौसम में क्या अंतर है ?

जलवायु और मौसम में अंतर को निम्न सारणी के माध्यम से विस्तार से जान सकते है। 


मौसम

 जलवायु

किसी स्थान के विशेष समय की वायुमंडलीय दशाओं जैसे तापमान,आद्रता,पवन और वर्षा आदि को मौसम कहते है 

किसी क्षेत्र में मौसम के दीर्घकालिक औसत को जलवायु कहते है इसका प्रभाव जीवों और वनस्पतियों पर पड़ता है और पेड़ पौधों  वनस्पतियों का विकास होता है।

मौसम समय अनुसार बदलता रहता है जैसे दिन में कभी मौसम साफ रहता है तो उसी दिन बारिश भी होने लगती है।

जलवायु काफी समय तक स्थायी अवस्था में होती है जैसे राजस्थान में अधिकतम गर्मी होती है तो कश्मीर हर समय सर्दी का आलम रहता है।

मौसम एक ही स्थान पर कई प्रकार का हो सकता है जैसे कभी गर्मी ज्यादा हो तो कभी सर्दी ज्यादा

जलवायु एक ही प्रकार की होती है जैसे कश्मीर की जलवायु ठंडी है तो वहाँ काफी समय ठंड ही रहती है

मौसम की अवधि निश्चित नहीं होती है यह 1 घंटे और 1 दिन में कभी भी बदल सकता है।

जलवायु की अवधि निश्चित होती है और इसकी दशाएँ वर्षभर में दृष्टि गोचर होती है।

मौसम का कुछ समय पहले अनुमान लगाया जा सकता है

जलवायु की केवल संभावना व्यक्त की जा सकती है।

मौसम के अनुसार जीव और वृक्ष दिनचर्या में भी परिवर्तन करते है।

जलवायु में जीवों और वनस्पतियों की दिनचर्या में कोई परिवर्तन नहीं आता है।

मौसम के अध्ययन को मेटेरोलॉजी कहते हैं

जलवायु के अध्ययन को क्लाइमटोलॉजी कहते हैं





सागरिक

समुद्र से संबंधित, विशाल

सौरिश

ईश्वर, भगवान विष्णु

सवीर

नेतृत्व करने वाला, नेता

सवित

सूर्य, मिठास

सायक

दयालु, मदद करने वाला

सेतु

योद्धा, पवित्र चिंह

सयन

दोस्त, दयालु

सयंतन

बहादुर, साहसी

सौवीर

सुंदर, निडर

सस्मित

मुस्कराहट, हँसमुख

सशविन

कलात्मक, रचनात्मक

सस्वन्त

निर्भीक, साहसी

सतचित

अच्छा मन हो जिसका

सतिन

वैदिक पाठ, वास्तविक

सत्कार

आदर, सम्मान, प्रतिष्ठा

सम्राट

शासक, राजा

सनत

अनंत, अमर

संचय

धन, द्रव्यमान

संकल्प

दृढ़ निश्चय, मर्जी

संकेत

इशारा, लक्ष्य

सन्मीत

सामजस्य, समरूपता 

सनूप

शक्तिशाली, ऊर्जावान

संश्रय

लक्ष्य, प्रयोजन

सांतनु

संपूर्ण, पूरा

संवित

सूर्य के समान तेजस्वी, भगवान शिव

संयम

धैर्य, प्रयास

संयुक्त

एकता, मेल

सप्तांशु

अग्नि, तेज

सरल

साधारण, ईमानदार

सारांश

संक्षेप, सटीक

सृजन

निर्माण, कलात्मक

सार्थक

बेहतरीन, अच्छा, पूर्ण

सर्वक

अलौकिक, संपूर्ण

सर्वस्व

हास्यपूर्ण, दयालु

संचित

इकठ्ठा किया हुआ, संग्रह, एकत्र

संजय

विजयी, भगवान शिव, धृतराष्ट्र के सारथी        

संकल्प

निश्चय, इरादा, निर्णय

समीर

वायु, हवा, सुबह-सुबह की महक, शमी का वृक्ष      

स्वप्निल

काल्पनिक, सपने में देखना

सौरभ

खुशबू, केशर

सोहन

सुंदर, अच्छा

सुशील

अच्छा चरित्र, आचरण

सुमंत

आसानी से जाना जाता है, एक दोस्ताना भावना

सुखदेव

ख़ुशी के भगवान

सारांश

संक्षेप, सटीक

सागर

समुद्र, सागर

सर्वेश

भगवान शिव, सबके भगवान           

संस्कार

पवित्रता, नैतिकता

समक्ष

समीप, सामने, निकट, जो निकट हो



नमस्कार दोस्तों इस लेख में आप जानेंगे कल का मैच कौन जीता जैसे की आप सभी जानते होंगे अभी टी 20 वर्ल्ड कप की समाप्ति के पश्चात सभी देशों के बीच सीरीज वापस से शुरू हो चुकी है कई टीमें जो वर्ल्डकप में खराब प्रदर्शन करके बाहर हुई थी उनके पास मौका अगले वर्ल्डकप के लिए नई तैयारी शुरू करना। इसी तरह भारतीय टीम का सफर वर्ल्ड कप में कुछ अच्छा नहीं रहा था लेकिन अब टीम को एक बार फिर नई ऊर्जा के साथ खेलना होगा तो आपको भारत के होने वाले सभी मैच के बारे जानकारी लेख में मिलती रहेगी। 

कल का मैच भारत बनाम न्यूजीलैंड के बीच तीन टी मैचों टी 20 सीरीज का पहला मुकाबला खेला गया था लेकिन कई इन टीम के फैंस जो पूरा मैच नहीं देख पाए और उन्हें पता नहीं कल कौनसी टीम मैच जीती तो वे इस लेख को पूरा अवश्य पढ़ें इससे उन्हें कल का मैच कौन जीता या कल का टी 20 मैच कौन जीता के बारे  में पूरी जानकारी मिलेगी। 


कल का India vs Newzealand मैच कौन जीता 

 कल का मैच भारत बनाम न्यूजीलैंड के बीच टी 20 सीरीज का तीसरा मैच था भारत पहले ही सीरीज जीत चूका था तो अब मौका था बेंच पर बैठे स्टार खिलाड़ियों को मौका देने का वहीं न्यूजीलैंड की टीम क्लीन स्वीप से बचने के लिए मैच में उतरी थी। भारत के कई बेंच पर बैठे खिलाडी आईपीएल के बाद अंतरास्ट्रीय क्रिकेट में भी छाप छोड़ने को बेताब थे तो देखते कल का मैच कौन जीता है ?


कल के मैच में भारत की टीम 

रोहित शर्मा (c), ईशान किशन, वेंकटेश अय्यर, सूर्यकुमार यादव, ऋषभ पंत (wk), श्रेयस अय्यर, अक्षर पटेल, भुवनेश्वर कुमार, दीपक चाहर, हर्षल पटेल, युजवेंद्र चहल

कल के मैच में न्यूजीलैंड की टीम 

मार्टिन गप्टिल, डेरिल मिशेल, मार्क चैपमैन, ग्लेन फिलिप्स, टिम सेफर्ट (wk), जेम्स नीशम, मिशेल सेंटनर (c), लॉकी फर्ग्यूसन, ईश सोढ़ी, ट्रेंट बोल्ट, एडम मिल्ने


कल का मैच कौन जीता और कल का आईपीएल मैच कौन जीता की पूरी जानकारी निम्न सारणी में दी गयी है। 


कल का मैच

 भारत बनाम न्यूजीलैंड

टीम के कप्तान

IND - रोहित शर्मा, NZ -  मिशेल सेंटनर

स्टेडियम

ईडन गार्डन्स, कोलकाता

कल मैच में टॉस किसने जीता

भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया

कल का मैच कौन जीता

भारत 73 रन से जीता

कल के मैच का स्कोर

NZ - 111/10, IND - 184/7

कल के मैच का में ऑफ़ द मैच 

रोहित शर्मा

कल के मैच में सबसे ज्यादा रन किसने बनाए

रोहित शर्मा ( 56 रन) - IND

कल के मैच में सबसे ज्यादा विकेट किसने ली

अक्षर पटेल,मिशेल सेंटनर (3 विकेट)

सबसे ज्यादा फैंटसी पॉइंट जिताने वाले खिलाडी

मिशेल सेंटनर, अक्षर पटेल, रोहित शर्मा, मार्टिन गप्टिल, हर्षल पटेल,ईशान किशन

अगला मैच

ड्रीम 11 टीम बनाए 

 

निष्कर्ष 

उम्मीद है आपको कल का मैच कौन जीता के बारे में पूरी जानकारी मिली होगी और आपको यह लेख पसंद आया होगा इसके अलावा भी अगर आप क्रिकेट से संबधित कोई भी जानकारी प्राप्त करना चाहते है तो कमेंट बॉक्स अपनी पसंदीदा टीम का नाम और सवाल जरूर बताएं। इस लेख को अपने सभी क्रिकेट प्रेमी दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें ताकि वे कल का मैच कौन जीता बारे में जान सकें। 



यह भी पढ़ें 





जलवायु परिवर्तन क्या है ?


किसी स्थान विशेष के औसत मौसम में परिवर्तन होने की प्रक्रिया को जलवायु परिवर्तन कहा जाता है यह प्रक्रिया एक विशेष स्थान पर ही हो सकती है और पूरे विश्व में भी हो सकती है इसके प्रभाव को वर्तमान में पूरी दुनियाँ पर देख सकते है। इसके अलावा जलवायु परिवर्तन होने से मनुष्यों पर गहरा प्रभाव पड़ता है जैसे कई प्राकृतिक आपदाओं का आना और मौसमी बीमारियों का बड़ी मात्रा में फैलना मानव जाति पर बड़ा संकट ला सकता है। 

जलवायु परिवर्तन के क्या कारण है ?


जलवायु परिवर्तन के कारणों को दो भागों में विभाजित किया गया है 

प्राकृतिक कारण 


महाद्वीपीय संवहन :- पिछले कुछ महाद्वीप तेजी से खिसक रहे है जिस कारण हवाए और समुद्री धाराएँ प्रभावित होती है और इसका सीधा असर पृथ्वी की जलवायु पर पड़ता है। 

ज्वालामुखी विस्फोट :- ज्वालामुखी के विस्फोट पर बड़ी मात्रा कार्बनडाइऑक्साइड और सल्फरडाईऑक्साइड उत्सृजित होकर वायुमंडल में प्रवेश करती है जिस कारण पृथ्वी में तापमान कम हो जाता है और जलवायु में अचानक परिवर्तन देखने को मिलता है। जिसका एक अच्छा उदाहरण ' killing summer frost ' है। 

पृथ्वी का झुकाव :- जब जब पृथ्वी झुकाव लेती है तो ऋतुओं में परिवर्तन होता है जैसे पृथ्वी अगर ज्यादा झुकाव लेती है तो अधिक सर्दी और गर्मी होती है और कम झुकाव लेती है तो सर्दी व गर्मी दोनों कम होती है। इस प्रकार बार पृथ्वी का झुकाव लेना भी जलवायु को काफी प्रभावित करता है। 

मानवीय कारण 


औधोगिकीकरण :- उनीसवीं सदी की औद्योगिक क्रांति के पश्चात बड़ी मात्रा में उध्योग स्थापित हुए जिनसे निकलने वाली नाइट्रोजन डाई ऑक्साइड,कार्बनडाइऑक्साइड और सल्फरडाईऑक्साइड जैसी जहरीली गैसे वायुमंडल में उत्सृजित होकर ओजोन परत को क्षति पहुँचाती है और पृथ्वी पर तापमान में वृद्धि करती है जिस कारण जलवायु में काफी परिवर्तन देखने को मिलता है। 

वनोन्मूलन :- पिछले कुछ समय से बड़ी मात्रा में वृक्षों को काटा जा रहा है जिस तरह आबादी बढ़ रही है उसके हिसाब से निजी जरूरतें भी बढ़ रही है और लोग घर,लकड़ी और खेती के लिए वृक्षों को काट रहे है। इसके अलावा सड़क,रेल और कई आधुनिक सुविधाओं के लिए वृक्षों को काटा जा रहा है जिससे पृथ्वी पर हरा भाग कम हो रहा है इस कारण जलवायु में भी काफी परिवर्तन देखने को मिल रहा है। 

रासयनिक कीटनाशकों और उर्वरकों को का प्रयोग :- वर्तमान भूमि की उपजाऊ क्षमता को बढ़ाने के लिए बड़ी मात्रा में कीटनाशकों और उर्वरकों का प्रयोग किया जा रहा है जिससे हवा और पानी दोनों प्रदूषित हो रहे है और साथ ही कुछ समय पश्चात भूमि भी बंजर हो जाती है। इससे पर्यावरण तेजी से प्रदूषित होने के साथ साथ जलवायु भी काफी प्रभावित हो रही है। 

जलवायु परिवर्तन का प्रभाव 


जलवायु परिवर्तन हर किसी के लिए काफी घातक परिणाम साबित हो सकता है जिससे मानव से लेकर जैव और वनस्पतियाँ भी खतरे में पड़ सकती है। जलवायु परिवर्तन से निम्न प्रभाव देखने को मिलते है। 

वर्षा पर प्रभाव :- जलवायु परिवर्तन का वर्षा के ऊपर काफी प्रभाव होता है इससे मानसूनी क्षेत्रों में वर्षा और अत्यधिक होने लगेगी जिस कारण बाढ़,भूस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाएँ होगी इसके विपरीत कम वर्षा वाले क्षेत्रों में सूखे जैसी स्तिथि हो जाएगी और पीने के लिए भी जल उपलब्ध नहीं होगा और जल की मात्रा व गुणवत्ता में भी भारी गिरावट देखने को मिलेगी। अगर भारत में ऐसे हालात होते है तो पूर्वोत्तर और दक्षिण पश्चिम राज्यों को बाढ़ जैसे हालातों का सामना करना पड़ेगा वहीं उत्तर और मध्य में सूखे की समस्या तक भी आ सकती है। 

कृषि पर प्रभाव :- जलवायु परिवर्तन से अलग अलग देशों की भूमि की उपजाऊ क्षमता में वृद्धि और कमी हो सकती है जिस कारण भुखमरी जैसी समस्याओं का सामना भी करना पड़ सकता है। भारत में अत्यधिक जलवायु परिवर्तन से गन्ना और मक्का के उत्पादन में वृद्धि होगी लेकिन गेंहूँ और धान की फसलों की उत्पादकता कम हो जाएगी। 

निष्कर्ष


उम्मीद है दोस्तों आपको यह लेख पसंद आया होगा और आपको जलवायु किसे कहते है व इसके कारण और प्रभाव के बारे में पूरी जानकारी मिली होगी जिससे आपको भी काफी कुछ सीखने को मिला होगा इसके अलावा भी अगर आपके मन में जलवायु से संबधित कोई सवाल है तो कमेंट बॉक्स में अवश्य बताए। 

दोस्तों इसी तरह की महत्वपूर्ण जानकारी अब फेसबुक पर भी उपलब्ध है आपको पास में नजर आ रहे फेसबुक पेज को लाइक और फॉलो करना है और इसके साथ इंस्टग्राम आइकॉन पर क्लिक करके मेरा साथ देना ताकि ऐसी नई नई जानकारियाँ हिंदी में आप तक पहुंचाते रहुँ। 

दोस्तों यह लेख जलवायु किसे कहते है? जलवायु परिवर्तन के कारण और प्रभाव जाने हिंदी में अपने सभी दोस्तों और परिवार के साथ इंस्टाग्राम , व्हाट्सप्प और ट्विटर पर शेयर करें ताकि उन्हें भी सारी जानकारी हिंदी में मिल सकें।



 नमस्कार दोस्तों अगर आपके घर में भी छोटे बच्चे है और उन्हें 2 का पहाड़ा नहीं आता है और याद करने में परेशानी होती है तो इस लेख को पूरा अवश्य पढ़ें। दोस्तों भारत में माता पिता को पहला गुरु माना जाता है क्योंकि जो बातें स्कूल में नहीं सिखायी वो घर पर सीखने को मिलती है। इसी प्रकार बचपन बच्चो को सीखा पाना काफी मुश्किल होता है इसलिए यहाँ पर आपको 2 का पहाड़ा सरल तरीके से बताया गया है जिससे आप अपने बच्चे को 2 पहाड़ा आसानी से सीखा सकते है। 


इसके अलावा कई ऐसे छात्र जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे है उनके लिए भी 2 का पहाड़ा याद रखना जरूरी होता है हालाँकि छोटी कक्षाओं में पहाड़े को याद रखते है लेकिन धीरे धीरे जब बड़ी कक्षाओं में आते है तो हम पहाड़े भूलने लगते है अगर आप भी उनमें से है तो इस लेख को पूरा अवश्य पढ़ें आपको 2 का पहाड़ा सरल विधियों में बताया जाएगा। 

निम्न सारणी में 2 का पहाड़ा गणितीय रूप में बताया गया है। 


2×1

2

2×2

4

2×3

6

2×4

8

2×5

10

2×6

12

2×7

14

2×8

16

2×9

18

2×10

20



2 का पहाड़ा हिंदी में  


निम्न सारणी में 2 के पहाड़े को हिंदी रूप में प्रदर्शित किया गया है जिससे आप आसानी 2 के पहाड़े को जान सकते है। 


दो

एकम

दो

दो

दूनी

चार

दो

तिया

छः

दो

चौका

आठ

दो

पांचे

दस

दो

छक्के

बारह

दो

सत्ते

चौदह

दो

अट्ठे

सोलह

दो

नौवे

अठारह

दो

धाय

बीस




2 का पहाड़ा इंग्लिश में 


निम्न सारणी में 2 का पहाड़ा इंग्लिश में बताया गया है जिसे पढ़कर आप 2 के पहाड़े को इंग्लिश में भी याद कर सकते है। 

One time two

2

Two times two

4

Three times two

6

Four times two

8

Five times two

10

Six times two

12

Seven times two

14

Eight times two

16

Nine times two

18

Ten times two

20



2 का पहाड़ा गुणा विधि में 

निम्न सारणी में 2 का पहाड़ा जोड़ विधि से दर्शाया गया है इस विधि में 2 सँख्या से 1 से 10 गिनती गुना करना है और आपको सटीक पहाड़ा प्राप्त होगा। 

2

×

1

2

2

×

2

4

2

×

3

6

2

×

4

8

2

×

5

10

2

×

6

12

2

×

7

14

2

×

8

16

2

×

9

18

2

×

10

20



2 का पहाड़ा सम संख्या विधि में 


निम्न सारणी में आप 2 का पहाड़ा सम सँख्या विधि में जानेंगे इस विधि में 2 को सम सँख्या के साथ जोड़ा जाता है जिससे आपको 2 का पहाड़ा सटीक प्राप्त होता है। 


2+0

2

2+2

4

2+4

6

2+6

8

2+8

10

2+10

12

2+12

14

2+14

16

2+16

18

2+18

20



 


नईदिल्ली में सोने के दाम 1 December 2021 :- 51,000/10gm(24ct)


दिल्ली देश की राजधानी होने के साथ साथ मेट्रोपॉलीटोंन शहर भी है इस कारण यहां हर दिन काफी मात्रा में सोने पर सर्च किया जाता है यहां पर किसी भी प्रकार के सोने के आभूसण चाहे वे महिला हो या पुरुष आसानी से मिल जाते है लेकिन सोने की खरीददारी करने से पहले उसके भाव जरूर जान लेने चाहिए और यहां पर आपको सारे भाव मिल जाएंगे तो इसे जरूर पढ़े ,मेरी आशा ये आपके काफी काम आएंगे। पर नजर जरूर डाले।



दिल्ली में आज  22 कैरेट और 24 कैरेट सोने के दाम  


ग्राम

22 कैरेट सोने का भाव

 24 कैरेट सोने का भाव

ग्राम

4675

5100    

ग्राम

37,400

40,800

10 ग्राम

46,750

51,000

100 ग्राम

4,67,500

5,10,000


पिछले 10 दिन में  दिल्ली  में  22 कैरेट और 24 कैरेट सोने के दाम  



दिनांक

 22 कैरेट सोने का भाव 

 24 कैरेट सोने का भाव 

 





1 December 2021

46,750

51,000





दिल्ली में सोना खरीदने से पहले भावो का पता लगाए


दिल्ली की जनता द्वारा हर समय सोने की खरीददारी की जाती है लेकिन सभी के मन सोने के भावो को लेकर असमंजस की स्तिथि बनी रहती है लोग हमेशा अखबारों द्वारा या टेलीविज़न के माध्यम से या फिर इंटरनेट के माध्यम से पता करते है लेकिन एक दम सही भाव जानने के लिए उन्हें अपने पास स्तिथ सर्राफा बाजार में जाकर भाव का पता लगाना पड़ता है और वहा पर किसी बड़ी दुकान पर जाकर सोने के सही भाव का पता लग जाएगा।

दिल्ली में सोने में निवेश बड़ी मात्रा में किया जाता है यहां पर सोने ETF या सोने बांड के रूप में निवेश किया जाता है दिल्ली में सोने का भाव पता करने के लिए दिल्ली के सर्राफा बाजार या साउथ एक्स में जाकर अच्छी दुकान पर सोने का भाव जान सकते है सोना खरीदने से पहले एक बार बनाने के शुल्क के बारे में जरूर जान लेना चाहिए क्युकी सोने के भाव एक जैसे हो सकते है लेकिन वे अपने सोने को बनाने की मेहनत कम या ज्यादा ले सकते है इस कारण सोने की खरीददारी के भाव आपके लिए अलग अलग प्रकार से हो सकते है

दिल्ली में सोने खरीदने के लिए कई स्थान है लेकिन आपको एक अच्छी और जानपहचान की दुकान से ही सोने के भाव जानकर खरीदारी करनी चाहिए जैसे दिल्ली में कनॉट प्लेस के पास बोहत सारी प्रतिष्ठित दुकाने जहाँ जाकर आप सोने के दाम जान सकते है ,सोने के ऊपर हॉलमार्क को देखे बिना सोना नहीं खरीदना चाहिए इस प्रकार आप कई दुकानों से और इंटरनेट पर सोने के अच्छी जानकारी लेने के पश्चात उस काफी रिसर्च करें ताकि आप भविष्य में जब भी सोने में निवेश करें तो आपको हमेशा सफलता हाथ लगे।

सोने की खरीदारी करने के पश्चात उसे सुरक्षित कैसे रखे ?

सोने की देखभाल करें


दिल्ली जैसे बड़े शहर में सोने की देखभाल करना मुश्किल है सोना एक बड़ी सम्पति है इस कारण आपको सोने की देखभाल करते समय जरा सी भी लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए अन्यथा इसका परिणाम बुरा हो सकता है। सोने को सुरक्षित रखने का सबसे उचित तरीका है बैंक लॉकर में रखना वहा पर इसके बदले आपको कुछ पैसे देने पड़ेंगे लेकिन आपका सोना महफूज रहेगा।

सोने को घर में न रखे


दिल्ली जैसे शहर में सोने को घर में रखना मूर्खता पूर्ण फैसला होगा ,जब हमारे आस -पास इतने सारे लॉकर्स है तो घर में सोना क्यों रखे ,आप अपने आस -पास के लोगो को भी पूछेंगे तो भी उनकी यही सलाह होगी। और फिर भी अगर आप सोने को घर में रखते है तो आपके मन सोने की चोरी की आशंका बनी रहेगी इस कारण आप अभी अपने नजदीकी बैंक में जाकर लॉकर खोले।

बैंक लॉकर पर कुछ तथ्य


बैंक लॉकर्स में आपका सोना एक दम महफूज रहता है लेकिन अब मन में सवाल आता है की कभी बैंक लॉकर्स को तोड़ दिए जाते है और सोने की चोरी हो जाती है लेकिन इस प्रकार चोरी के लिए आप एक अच्छी और सुरक्षित बैंक का पता करें , सोने को बैंक लॉकर में डालने के पहले आपको अपनी सबसे नजदीक बैंक में जाना चाहिए और वहा पर अच्छी तरह से पूछताछ करनी चाहिए की वे अपनी बैंक में लॉकर की सुविधा देते है या नहीं और अगर आपके उस बैंक के साथ अच्छे संबंध जैसे आपके पैसे वहा पर जमा हो तो आपको सोने के लॉकर शुल्क में अच्छी छूट मिल सकती है।

लॉकर में सोने को रखने के पश्चात आने वाली समस्याओ से बचे।


बैंक में लॉकर बनवाने के पश्चात आपको ये ध्यान रखना चाहिएकी उस लॉकर की चाबी आप सुरक्षित रखे अगर लॉकर की चाबी खो जाती है तो फिर आपको काफी भगदौड़ और मसक्त का सामना करना पड़ेगा ,और अगर तुरंत लॉकर की दो चाबियाँ बनवाना चाहते है तो वे भी सम्भव है इसके लिए भी कई मुश्किलों का सामना करना पड़ता है और अगर सोने को आप अपनी नजदीकी बैंक लॉकर में रखते है तो आप जरूरत के समय उसे वापस निकाल सकते है।

इन दोनों के अलावा सोने के सुरक्षित रखना

आप अगर सोने को बैंक और लॉकर दोनों में असुरक्षित मानते है तो आप सोने को ETF में निवेश करें आपके लिए अच्छा साबित होगा।  


Desclaimer:-  www.pbmarketing.co.in पर दिखाए सोने के भाव आपको सिर्फ सोने के बाजार के दामों से अवगत करने के लिए दिखाए गए है और कोई गारंटी नहीं है की सोने के भाव  एकदम सही है हालाँकि  www.pbmarketing.co.in का पूरा प्रयास है की आपको सही दाम का पता चले। लेकिन यह आपको किसी भी प्रकार से खरीदने या बेचने के लिए प्रेरित नहीं करते है और इस कारण होने वाली किसी भी हानि या क्षति का जवाबदेह नहीं है यह भाव आपको सिर्फ सुचना के रूप में बताये गए है 

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